श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  9.19.30 
इत्येवं वदमानास्ते हर्षेण महता युता:।
प्रभग्नांस्तावकान् योधान् सृञ्जया: पृष्ठतोऽन्वयु:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर संजयवीर बड़े हर्ष में भरकर भागते हुए आपके योद्धाओं का पीछा करने लगा।
 
Saying these things, Sanjayaveer, filled with great joy, began to pursue your fleeing warriors.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)