श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  9.19.23 
अद्य श्रेष्ठस्य जानीतां पाण्डवस्य पराक्रमम्।
मद्रराजं हतं श्रुत्वा देवैरपि सुदु:सहम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
आज देवताओं के लिए दुःखदायी मद्रराज शल्य के वध का वृत्तांत सुनकर धृतराष्ट्र ज्येष्ठ पाण्डव युधिष्ठिर के पराक्रम को भली-भाँति जानें॥23॥
 
Today, after listening to the story of the killing of Madraraja Shalya, which is sad for the gods, let Dhritarashtra know very well the bravery of the eldest Pandava Yudhishthira. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)