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mahabharat 9.19.22: दु:शासन को मारते समय भीमसेन ने जो कुछ किया, वह इस संसार में महाबली भीमसेन के अतिरिक्त और कोई नहीं कर सकता।   |   mahabharat अध्याय 9.19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  9.19.22 
यत् कृतं भीमसेनेन दु:शासनवधे तदा।
नान्य: कर्तास्ति लोकेऽस्मिनृते भीमान्महाबलात्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
दु:शासन को मारते समय भीमसेन ने जो कुछ किया, वह इस संसार में महाबली भीमसेन के अतिरिक्त और कोई नहीं कर सकता।
 
Whatever Bhimasena did at the time of killing Dushasan, no one else in this world can do that except the mighty Bhimasena. 22
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)