श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  9.19.14 
दृष्ट्वा तु कौरवं सैन्यं भयत्रस्तं प्रविद्रुतम्।
अन्योन्यं समभाषन्त पञ्चाला: पाण्डवै: सह॥ १४॥
 
 
अनुवाद
कौरव सेना को भयभीत होकर भागते देख पाञ्चालयोद्धा सहित पाण्डव आपस में इस प्रकार बातें करने लगे -॥14॥
 
Seeing the Kaurava army fleeing in fear, the Pandavas along with Panchalayaodha began talking amongst themselves as follows -॥ 14॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd