Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.19.13: बाणों की सीटी जैसी ध्वनि, योद्धाओं की गर्जना और शंखों की ध्वनि - ये सब मिलकर अत्यंत भयानक लग रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 9.19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  9.19.13 
बाणशब्दरवाश्चापि सिंहनादाश्च पुष्कला:।
शङ्खशब्दश्च शूराणां दारुण: समपद्यत॥ १३॥
 
 
अनुवाद
बाणों की सीटी जैसी ध्वनि, योद्धाओं की गर्जना और शंखों की ध्वनि - ये सब मिलकर अत्यंत भयानक लग रहे थे।
 
The whistling sound of the arrows, the roar of the warriors and the sound of the conch shells – all of these combined seemed extremely terrifying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)