श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवसैनिकोंका आपसमें बातचीत करते हुए पाण्डवोंकी प्रशंसा और धृतराष्ट्रकी निन्दा करना तथा कौरव-सेनाका पलायन, भीमद्वारा इक्कीस हजार पैदलोंका संहार और दुर्योधनका अपनी सेनाको उत्साहित करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  9.19.1 
संजय उवाच
पातिते युधि दुर्धर्षे मद्रराजे महारथे।
तावकास्तव पुत्राश्च प्रायशो विमुखाभवन्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: हे राजन! अजेय योद्धा मद्रराज शल्य की मृत्यु के बाद आपके सैनिक और पुत्र युद्ध से लगभग विमुख हो गए हैं।
 
Sanjaya says: O King! After the death of the invincible warrior Madra king Shalya your soldiers and sons almost turned away from the battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)