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mahabharat 9.18.30-31h: हर जगह खड़े कंकाल दिखाई दे रहे थे और सौरमंडल के केंद्र से एक विशाल उल्कापिंड वहां गिरा।   |   mahabharat अध्याय 9.18: मद्रराजके अनुचरोंका वध और कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.18.30-31h 
उत्थितानि कबन्धानि समदृश्यन्त सर्वश:॥ ३०॥
पपात महती चोल्का मध्येनादित्यमण्डलम्।
 
 
अनुवाद
हर जगह खड़े कंकाल दिखाई दे रहे थे और सौरमंडल के केंद्र से एक विशाल उल्कापिंड वहां गिरा।
 
Everywhere, standing skeletons were seen, and from the centre of the solar system, a huge meteorite fell there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)