Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.18.12-13h: महामनस्वी और वीर योद्धाओं से युक्त विशाल पाण्डव सेना मंथन करके जोर-जोर से पुकारने लगी, 'राजा युधिष्ठिर या उनके वीर भाई कहाँ हैं? वे यहाँ क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं?॥12 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.18: मद्रराजके अनुचरोंका वध और कौरव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रस्कन्द्य सेनां महतीं महात्मानो महारथा:।
बहवश्चुक्रुशुस्तत्र क्व स राजा युधिष्ठिर:॥ १२॥
भ्रातरो वास्य ते शूरा दृश्यन्ते नेह केन च।
अनुवाद
महामनस्वी और वीर योद्धाओं से युक्त विशाल पाण्डव सेना मंथन करके जोर-जोर से पुकारने लगी, 'राजा युधिष्ठिर या उनके वीर भाई कहाँ हैं? वे यहाँ क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं?॥12 1/2॥
After churning the huge Pandava army of great-minded and brave warriors, they began to call out loudly, 'Where is King Yudhishthira or his valiant brothers? Why are they not visible here?॥ 12 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥