Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.18.10-11: जैसे आँधी वृक्षों को हिला देती है, उसी प्रकार पाण्डव योद्धाओं ने आपके सैनिकों को हिला दिया। राजन! जैसे पूर्वा हवा महाप्रतापी गंगा नदी को हिला देती है, उसी प्रकार उन सैनिकों ने पाण्डव सेना में कोलाहल मचा दिया॥10-11॥   |   mahabharat अध्याय 9.18: मद्रराजके अनुचरोंका वध और कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 18: मद्रराजके अनुचरोंका वध और कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 10-11
 
 
श्लोक  9.18.10-11 
वृक्षानिव महावाता: कम्पयन्ति स्म तावकान्॥ १०॥
पुरोवातेन गङ्गेव क्षोभ्यमाणा महानदी।
अक्षोभ्यत तदा राजन् पाण्डूनां ध्वजिनी तत:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जैसे आँधी वृक्षों को हिला देती है, उसी प्रकार पाण्डव योद्धाओं ने आपके सैनिकों को हिला दिया। राजन! जैसे पूर्वा हवा महाप्रतापी गंगा नदी को हिला देती है, उसी प्रकार उन सैनिकों ने पाण्डव सेना में कोलाहल मचा दिया॥10-11॥
 
Just as a storm shakes the trees, similarly the Pandava warriors shook your soldiers. King! Just as the eastern wind agitates the mighty river Ganga, similarly those soldiers created a commotion in the Pandava army.॥10-11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)