Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.17.87: इसके बाद अश्वत्थामा ने रथ से घोड़ों के मारे जाने के कारण रथहीन हुए कृतवर्मा को राजा युधिष्ठिर से दूर ले गया।   |   mahabharat अध्याय 9.17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  9.17.87 
अश्वत्थामा ततो राज्ञा हताश्वं विरथीकृतम्।
तमपोवाह हार्दिक्यं स्वरथेन युधिष्ठिरात्॥ ८७॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद अश्वत्थामा ने रथ से घोड़ों के मारे जाने के कारण रथहीन हुए कृतवर्मा को राजा युधिष्ठिर से दूर ले गया।
 
After this, Ashvatthama took Kritavarma, who was left chariotless due to the killing of the horses by his chariot, away from King Yudhishthira. 87
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)