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mahabharat 9.17.8: भीमसेन, शिनिपुत्र सात्यकि तथा माद्री के पुत्र पुरुषश्रेष्ठ नकुल और सहदेव, महाबली शल्य को महाबली राजा युधिष्ठिर से युद्ध के लिए ललकारने लगे। 8॥   |   mahabharat अध्याय 9.17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  9.17.8 
तं भीमसेनश्च शिनेश्च नप्ता
माद्रॺाश्च पुत्रौ पुरुषप्रवीरौ।
समागतं भीमबलेन राज्ञा
पर्याप्तमन्योन्यमथाह्वयन्त॥ ८॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन, शिनिपुत्र सात्यकि तथा माद्री के पुत्र पुरुषश्रेष्ठ नकुल और सहदेव, महाबली शल्य को महाबली राजा युधिष्ठिर से युद्ध के लिए ललकारने लगे। 8॥
 
Bhimsen, Shini's grandson Satyaki and the best of men Nakul and Sahadeva, sons of Madri, started challenging the mighty Shalya for a fight with the fiercely powerful king Yudhishthir. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)