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mahabharat 9.17.74-75h: कृतवर्मा ने दस बाणों से सात्यकि को तथा तीन बाणों से उसके घोड़ों को घायल कर दिया और फिर मुड़े हुए सिरे वाले एक बाण से उसका धनुष काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 9.17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय  »  श्लोक 74-75h
 
 
श्लोक  9.17.74-75h 
सात्यकिं दशभिर्विद्‍ध्वा हयांश्चास्य त्रिभि: शरै:॥ ७४॥
चापमेकेन चिच्छेद हार्दिक्यो नतपर्वणा।
 
 
अनुवाद
कृतवर्मा ने दस बाणों से सात्यकि को तथा तीन बाणों से उसके घोड़ों को घायल कर दिया और फिर मुड़े हुए सिरे वाले एक बाण से उसका धनुष काट डाला।
 
Kritavarman wounded Satyaki with ten arrows and his horses with three arrows and then cut his bow with one arrow having a bent tip. 74 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)