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श्लोक  9.17.73-74h 
चापमार्गबलोद्‍धूतान् मार्गणान् वृष्णिसिंहयो:॥ ७३॥
आकाशगानपश्याम पतङ्गानिव शीघ्रगान्।
 
 
अनुवाद
हमने देखा कि वृष्णिवंश के उन दो सिंहों के धनुष से छूटे हुए वेगशाली बाण टिड्डियों के समान आकाश में फैल रहे हैं।
 
We saw the swift arrows shot with force from the bows of those two lions of the Vrishni clan spreading across the sky like swarms of locusts. 73 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)