Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.17.72-73h: वे दोनों सूर्य के समान तेजस्वी होकर दिन की किरणों के समान तेजस्वी बाणों द्वारा एक दूसरे को आच्छादित करने लगे ॥72 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 9.17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय  »  श्लोक 72-73h
 
 
श्लोक  9.17.72-73h 
इषुभिर्विमलाभासैश्छादयन्तौ परस्परम्॥ ७२॥
अर्चिर्भिरिव सूर्यस्य दिवाकरसमप्रभौ।
 
 
अनुवाद
वे दोनों सूर्य के समान तेजस्वी होकर दिन की किरणों के समान तेजस्वी बाणों द्वारा एक दूसरे को आच्छादित करने लगे ॥72 1/2॥
 
Both of them, as bright as the sun, started covering each other with arrows that were as bright as the rays of the day. 72 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)