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mahabharat 9.17.32: महाबली भीमसेन ने नौ बाणों से उसकी अद्वितीय ढाल को टुकड़े-टुकड़े कर दिया। फिर आपकी सेना के मध्य में हर्ष से गर्जना करते हुए अनेक बाणों से उसकी तलवार की मूठ काट डाली।   |   mahabharat अध्याय 9.17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.17.32 
अथास्य चर्माप्रतिमं न्यकृन्तद्
भीमो महात्मा नवभि: पृषत्कै:।
खड्गं च भल्लैर्निचकर्त मुष्टौ
नदन् प्रहृष्टस्तव सैन्यमध्ये॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
महाबली भीमसेन ने नौ बाणों से उसकी अद्वितीय ढाल को टुकड़े-टुकड़े कर दिया। फिर आपकी सेना के मध्य में हर्ष से गर्जना करते हुए अनेक बाणों से उसकी तलवार की मूठ काट डाली।
 
With nine arrows, the great Bhima broke his matchless shield into pieces. Then roaring with great joy in the midst of your army, he cut off the hilt of his sword with many arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)