श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  9.17.23 
ततस्तु शल्यो नवभि: पृषत्कै-
र्भीमस्य राज्ञश्च युधिष्ठिरस्य।
निकृत्य रौक्मे पटुवर्मणी तयो-
र्विदारयामास भुजौ महात्मा॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महाबली शल्य ने नौ बाणों से भीमसेन और राजा युधिष्ठिर के सुदृढ़ सोने के कवच को काट डाला और उन दोनों की भुजाएँ भी काट डालीं॥23॥
 
Then, with nine arrows, the great man-savior Shalya cut the strong gold armor of Bhimsen and King Yudhishthir and severed the arms of both of them. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)