Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.17.22: तत्पश्चात् युद्धभूमि में महाराज युधिष्ठिर ने एक और नया तथा अत्यन्त भयंकर धनुष उठाया और शल्य को तीखे बाणों से चारों ओर से घायल कर दिया, ठीक उसी प्रकार जैसे इन्द्र ने नमुचि को घायल किया था। | mahabharat अध्याय 9.17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् युद्धभूमि में महाराज युधिष्ठिर ने एक और नया तथा अत्यन्त भयंकर धनुष उठाया और शल्य को तीखे बाणों से चारों ओर से घायल कर दिया, ठीक उसी प्रकार जैसे इन्द्र ने नमुचि को घायल किया था।
Then, in the battlefield, the great king Yudhishthira took up another new and extremely fearsome bow and wounded Shalya from all sides with sharp arrows, in the same manner as Lord Indra had wounded Namuchi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥