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mahabharat 9.17.11: तत्पश्चात् युद्धस्थल में बाणों से घायल हुए मद्रराज को देखकर दुर्योधन की आज्ञा से सुसज्जित आपके श्रेष्ठ रथी उसे घेरकर युधिष्ठिर के सामने खड़े हो गये।   |   mahabharat अध्याय 9.17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 17: भीमसेनद्वारा राजा शल्यके घोड़े और सारथिका तथा युधिष्ठिरद्वारा राजा शल्य और उनके भाईका वध एवं कृतवर्माकी पराजय  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  9.17.11 
ततो रणे तावकानां रथौघा:
समीक्ष्य मद्राधिपतिं शरार्तम्।
पर्यावव्रु: प्रवरास्ते सुसज्जा
दुर्योधनस्यानुमते पुरस्तात्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् युद्धस्थल में बाणों से घायल हुए मद्रराज को देखकर दुर्योधन की आज्ञा से सुसज्जित आपके श्रेष्ठ रथी उसे घेरकर युधिष्ठिर के सामने खड़े हो गये।
 
Then, seeing the King of Madra wounded by arrows on the battlefield, your best charioteers, armed with the orders of Duryodhana, surrounded him and stood before Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)