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mahabharat 9.16.54: भयंकर कर्म करने वाले युधिष्ठिर का पराक्रम देखकर आपके सब सैनिक भय से काँप उठे; किन्तु शल्य ने उन पर आक्रमण कर दिया ॥54॥   |   mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  9.16.54 
तस्य तच्चरितं दृष्ट्वा संग्रामे भीमकर्मण:।
वित्रेसुस्तावका: सर्वे शल्यस्त्वेनं समभ्ययात्॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
भयंकर कर्म करने वाले युधिष्ठिर का पराक्रम देखकर आपके सब सैनिक भय से काँप उठे; किन्तु शल्य ने उन पर आक्रमण कर दिया ॥54॥
 
Seeing the valour of Yudhishthira, who performed terrible deeds, all your soldiers trembled in fear; but Shalya attacked them. ॥ 54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)