Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.16.49: क्रोध से कांपते हुए और चौड़ी आंखों से घूरते हुए, कुंती के पुत्र ने अपने तीखे बाणों से सैकड़ों और हजारों दुश्मन सैनिकों को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  9.16.49 
विवृताक्षश्च कौन्तेयो वेपमानश्च मन्युना।
चिच्छेद योधान् निशितै: शरै: शतसहस्रश:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
क्रोध से कांपते हुए और चौड़ी आंखों से घूरते हुए, कुंती के पुत्र ने अपने तीखे बाणों से सैकड़ों और हजारों दुश्मन सैनिकों को मार डाला।
 
Trembling with anger and staring with wide-open eyes, Kunti's son killed hundreds and thousands of enemy soldiers with his sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)