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mahabharat 9.16.45: तब महारथी द्रोणपुत्र दुर्योधन की रक्षा के लिए दौड़े। कृपाचार्य और कृतवर्मा भी आपके पुत्र को बचाने के लिए आये।   |   mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  9.16.45 
तमभ्यधावत् त्राणार्थं द्रोणपुत्रो महारथ:।
कृपश्च कृतवर्मा च पुत्रं तेऽपि परीप्सव:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
तब महारथी द्रोणपुत्र दुर्योधन की रक्षा के लिए दौड़े। कृपाचार्य और कृतवर्मा भी आपके पुत्र को बचाने के लिए आये।
 
Then the great warrior Drona's son rushed to protect Duryodhana. Krupacharya and Kritavarma also came to save your son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)