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mahabharat 9.16.43: जब वह अचेत हो गया, तब भीमसेन ने अपने छुरे से उसके सारथी का सिर धड़ से अलग कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  9.16.43 
तस्मिन् मोहमनुप्राप्ते पुनरेव वृकोदर:।
यन्तुरेव शिर: कायात् क्षुरप्रेणाहरत् तदा॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
जब वह अचेत हो गया, तब भीमसेन ने अपने छुरे से उसके सारथी का सिर धड़ से अलग कर दिया।
 
When he fell unconscious, Bhimasena then severed the head of his charioteer from his body with his razor blade.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)