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mahabharat 9.16.4: तत्पश्चात्, क्रोध में भरे हुए अर्जुन ने कृपाचार्य और कृतवर्मा को उनके सेवकों सहित अपने बाणों से ढक दिया॥4॥   |   mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  9.16.4 
ततो धनंजय: क्रुद्ध: कृपं सह पदानुगै:।
अवाकिरच्छरौघेण कृतवर्माणमेव च॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, क्रोध में भरे हुए अर्जुन ने कृपाचार्य और कृतवर्मा को उनके सेवकों सहित अपने बाणों से ढक दिया॥4॥
 
Thereafter, on the other side Arjuna, filled with anger, covered Krupacharya and Kritavarma along with their servants with his arrows. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)