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mahabharat 9.16.3: युद्ध भूमि में कौरवों से पराजित होने के बाद पाण्डव योद्धा वहाँ रुक नहीं सके, भले ही भीमसेन ने उन्हें श्रीकृष्ण और अर्जुन के सामने रोकने का प्रयास किया हो।   |   mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  9.16.3 
ते वध्यमाना: समरे पाण्डवा नावतस्थिरे।
निवार्यमाणा भीमेन पश्यतो: कृष्णयोस्तदा॥ ३॥
 
 
अनुवाद
युद्ध भूमि में कौरवों से पराजित होने के बाद पाण्डव योद्धा वहाँ रुक नहीं सके, भले ही भीमसेन ने उन्हें श्रीकृष्ण और अर्जुन के सामने रोकने का प्रयास किया हो।
 
After being defeated by the Kauravas in the battle-field, the Pandava warriors could not stay there even when Bhimsena tried to stop them, in front of Shri Krishna and Arjuna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)