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mahabharat 9.16.29-30h: कुरुकुल के वे महान योद्धा क्रोध में भरकर हर्ष के बड़े-बड़े उद्घोष करते हुए महाबली मद्रराज शल्य पर आक्रमण करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.16.29-30h 
तेऽभ्यधावन्त संरब्धा मद्रराजं तरस्विनम्॥ २९॥
महता हर्षजेनाथ नादेन कुरुपुङ्गवा:।
 
 
अनुवाद
कुरुकुल के वे महान योद्धा क्रोध में भरकर हर्ष के बड़े-बड़े उद्घोष करते हुए महाबली मद्रराज शल्य पर आक्रमण करने लगे।
 
Those great warriors of Kurukula, filled with rage and with great shouts of joy, attacked the mighty brave Madraraja Shalya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)