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mahabharat 9.16.27: तत्पश्चात् युद्धभूमि में पुनः पाण्डव सैनिकों में, विशेषतः पांचाल, सोमक और मत्स्य योद्धाओं में महान हर्ष और उल्लास छा गया॥ 27॥   |   mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  9.16.27 
तत: प्रहर्ष: सैन्यानां पुनरासीत् तदा मृधे।
पञ्चालानां सोमकानां मत्स्यानां च विशेषत:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् युद्धभूमि में पुनः पाण्डव सैनिकों में, विशेषतः पांचाल, सोमक और मत्स्य योद्धाओं में महान हर्ष और उल्लास छा गया॥ 27॥
 
Thereafter, the battlefield was once again filled with great joy and jubilation among the Pandava soldiers, especially the Panchalas, Somakas and Matsya warriors.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)