Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.16.24-25: (नकुल और सहदेव के अतिरिक्त) सात्यकि मेरे दाहिने चक्र की और धृष्टद्युम्न मेरे बाएँ चक्र की रक्षा करें। आज कुन्तीपुत्र अर्जुन मेरे पृष्ठ भाग की रक्षा के लिए तत्पर रहें और शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ भीमसेन मेरे आगे चलें। | mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(नकुल और सहदेव के अतिरिक्त) सात्यकि मेरे दाहिने चक्र की और धृष्टद्युम्न मेरे बाएँ चक्र की रक्षा करें। आज कुन्तीपुत्र अर्जुन मेरे पृष्ठ भाग की रक्षा के लिए तत्पर रहें और शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ भीमसेन मेरे आगे चलें।
(Apart from Nakula and Sahadeva) Satyaki should protect my right chakra and Dhrishtadyumna should protect my left chakra. Today Kunti's son Arjun should be ready to protect my rear and Bhimasena, the best among weapon holders, should go ahead of me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥