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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  9.16.23-24h 
तस्य मेऽप्यधिकं शस्त्रं सर्वोपकरणानि च॥ २३॥
संसज्जन्तु रथे क्षिप्रं शास्त्रवद् रथयोजका:।
 
 
अनुवाद
अतः रथ खींचने वाले लोग शीघ्रतापूर्वक मेरे रथ पर शास्त्रविधि के अनुसार यथासम्भव अस्त्र-शस्त्र तथा अन्य आवश्यक उपकरण व्यवस्थित कर दें।
 
‘Therefore, the people pulling the chariot should quickly arrange as many weapons and all the other necessary equipment as possible on my chariot in accordance with the scriptures. 23 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)