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mahabharat 9.16.22-23h: विश्वविख्यात वीरों! मेरी सत्य बात सुनो। राजाओं! मैं क्षत्रिय धर्मानुसार अपने कार्य को पूर्ण करने का संकल्प लेकर आज अपनी विजय या मृत्यु के लिए अपने मामा शल्य के साथ युद्ध करूँगा।   |   mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.16.22-23h 
इति सत्यामिमां वाणीं लोकवीरा निबोधत।
योत्स्येऽहं मातुलेनाद्य क्षात्रधर्मेण पार्थिवा:॥ २२॥
स्वमंशमभिसंधाय विजयायेतराय च।
 
 
अनुवाद
विश्वविख्यात वीरों! मेरी सत्य बात सुनो। राजाओं! मैं क्षत्रिय धर्मानुसार अपने कार्य को पूर्ण करने का संकल्प लेकर आज अपनी विजय या मृत्यु के लिए अपने मामा शल्य के साथ युद्ध करूँगा।
 
World-renowned heroes! Listen to my true words. Kings! I will fight with my uncle Shalya today for my victory or death, taking the resolve to complete my part of the task as per the Kshatriya Dharma.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)