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mahabharat 9.16.16-17: उन्होंने अपने सब भाइयों तथा श्रीकृष्ण और सात्यकि को बुलाकर कहा, 'भाइयों! भीष्म, द्रोण, कर्ण और अन्य जितने भी राजा दुर्योधन के लिए पराक्रम दिखाने वाले थे, वे सब युद्ध में मारे गए। तुम सबने प्रयत्न करके उत्साहपूर्वक अपने-अपने भाग का कार्य पूरा किया॥ 16-17॥   |   mahabharat अध्याय 9.16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 16: पाण्डव-सैनिकों और कौरव-सैनिकोंका द्वन्द्वयुद्ध, भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी तथा युधिष्ठिरद्वारा शल्यकी पराजय  »  श्लोक 16-17
 
 
श्लोक  9.16.16-17 
समाहूयाब्रवीत् सर्वान् भ्रातॄन् कृष्णं च माधवम्।
भीष्मो द्रोणश्च कर्णश्च ये चान्ये पृथिवीक्षित:॥ १६॥
कौरवार्थे पराक्रान्ता: संग्रामे निधनं गता:।
यथाभागं यथोत्साहं भवन्त: कृतपौरुषा:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने अपने सब भाइयों तथा श्रीकृष्ण और सात्यकि को बुलाकर कहा, 'भाइयों! भीष्म, द्रोण, कर्ण और अन्य जितने भी राजा दुर्योधन के लिए पराक्रम दिखाने वाले थे, वे सब युद्ध में मारे गए। तुम सबने प्रयत्न करके उत्साहपूर्वक अपने-अपने भाग का कार्य पूरा किया॥ 16-17॥
 
He called all his brothers and Shri Krishna and Satyaki and said, 'Brothers! Bhishma, Drona, Karna and all the other kings who showed valour for Duryodhan, all of them were killed in the war. You all made efforts and enthusiastically completed your respective parts of the task.॥ 16-17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)