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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 15: दुर्योधन और धृष्टद्युम्नका एवं अर्जुन और अश्वत्थामाका तथा शल्यके साथ नकुल और सात्यकि आदिका घोर संग्राम
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श्लोक 38
श्लोक
9.15.38
तेषां बाणसहस्रौघैराकीर्णा वसुधाभवत्।
अन्तरिक्षं च सहसा बाणभूतमभूत्तदा॥ ३८॥
अनुवाद
उस समय युद्धभूमि उनके हजारों बाणों से आच्छादित हो गई और आकाश भी सहसा बाणों से भरा हुआ प्रतीत होने लगा ॥38॥
At that time the battlefield was covered with thousands of his arrows and even the sky suddenly appeared to be filled with arrows. ॥ 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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