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श्लोक 9.15.23  |
भीमसेनस्तु तं षष्टॺा सात्यकिर्दशभि: शरै:।
मद्रराजमभिद्रुत्य जघ्नतु: कङ्कपत्रिभि:॥ २३॥ |
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| अनुवाद |
| तब भीमसेन ने साठ बाणों से और सात्यकि ने कंकपात्रों से सुसज्जित होकर दस बाणों से मद्रराज पर आक्रमण किया। |
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| Then Bhimasena attacked the Madra king with sixty arrows and Satyaki with ten arrows equipped with Kankapatra. 23. |
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