Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.14.7-8h: हे प्रभु! अर्जुन के रथ के पहिये, कूबड़, दण्ड, लगाम, जुआ और अंकुश - ये सब उस समय बाण के समान हो रहे थे। | mahabharat अध्याय 9.14: अर्जुन और अश्वत्थामाका युद्ध तथा पांचाल वीर सुरथका वध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कूबरं रथचक्राणि ईषा योक्त्राणि वा विभो॥ ७॥
युगं चैवानुकर्षं च शरभूतमभूत्तदा।
अनुवाद
हे प्रभु! अर्जुन के रथ के पहिये, कूबड़, दण्ड, लगाम, जुआ और अंकुश - ये सब उस समय बाण के समान हो रहे थे।
Lord! The wheels of Arjun's chariot, the hump, the staff, the reins, the yoke and the hook - all of them were becoming like arrows at that time. 7 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥