श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 14: अर्जुन और अश्वत्थामाका युद्ध तथा पांचाल वीर सुरथका वध  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  9.14.48 
विमर्द: सुमहानासीदेकस्य बहुभि: सह।
शतक्रतुर्यथा पूर्वं महत्या दैत्यसेनया॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
जैसे पूर्वकाल में इन्द्र ने दैत्यों की विशाल सेना के साथ युद्ध किया था, उसी प्रकार एक अर्जुन और उसके बहुत से विरोधियों के बीच महान् युद्ध आरम्भ हो गया ॥ 48॥
 
Just as in the past Indra had fought a battle with a huge army of demons, similarly a great battle began between a single Arjuna and a large number of his opponents. ॥ 48॥
 
इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वणि संकुलयुद्धे चतुर्दशोध्याय:॥ १४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वमें संकुलयुद्धविषयक चौदहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १४॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)