श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 14: अर्जुन और अश्वत्थामाका युद्ध तथा पांचाल वीर सुरथका वध  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  9.14.34 
स च्छिन्न: पतितो भूमौ पार्थबाणैर्महाहवे।
दारयन् पृथिवीन्द्राणां मनांसीव च भारत॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
भरत! उस महायुद्ध में पार्थ के बाणों से कटकर वह परिघ राजाओं के हृदयों को छेदता हुआ मानो पृथ्वी पर गिर पड़ा।
 
Bhaarata! In that great war, cut by Partha's arrows, that Parigha fell on the earth as if piercing the hearts of the kings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)