श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 14: अर्जुन और अश्वत्थामाका युद्ध तथा पांचाल वीर सुरथका वध  »  श्लोक 30-31h
 
 
श्लोक  9.14.30-31h 
तमापतन्तं सहसा हेमपट्टविभूषितम्॥ ३०॥
चिच्छेद सप्तधा वीर: पार्थ: शत्रुनिबर्हण:।
 
 
अनुवाद
शत्रुओं का संहार करने वाले वीर अर्जुन ने अपनी ओर आते हुए सुवर्णमयी मूसल को सहसा सात टुकड़ों में तोड़ डाला।
 
The heroic Arjuna, the slayer of enemies, suddenly broke the golden-leafed pestle that was coming towards him into seven pieces. 30 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)