vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 9: शल्य पर्व
»
अध्याय 14: अर्जुन और अश्वत्थामाका युद्ध तथा पांचाल वीर सुरथका वध
»
श्लोक 30-31h
श्लोक
9.14.30-31h
तमापतन्तं सहसा हेमपट्टविभूषितम्॥ ३०॥
चिच्छेद सप्तधा वीर: पार्थ: शत्रुनिबर्हण:।
अनुवाद
शत्रुओं का संहार करने वाले वीर अर्जुन ने अपनी ओर आते हुए सुवर्णमयी मूसल को सहसा सात टुकड़ों में तोड़ डाला।
The heroic Arjuna, the slayer of enemies, suddenly broke the golden-leafed pestle that was coming towards him into seven pieces. 30 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×