श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 14: अर्जुन और अश्वत्थामाका युद्ध तथा पांचाल वीर सुरथका वध  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  9.14.10-11h 
ततोऽर्जुनो महाराज शरै: संनतपर्वभि:॥ १०॥
अवाकिरत्तां पृतनां मेघो वृष्टॺेव पर्वतम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् अर्जुन ने अपने मुड़े हुए बाणों से आपकी सेना को उसी प्रकार ढक दिया, जैसे मेघ अपनी वर्षा से पर्वत को ढक लेता है।
 
Maharaj! Thereafter Arjun covered your army with his arrows having bent ends, just as a cloud covers a mountain with its rain. 10 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)