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mahabharat 9.13.40: जिस प्रकार वायु बड़े-बड़े बादलों को उड़ा ले जाती है, उसी प्रकार राजा शल्य ने युद्धस्थल में नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से युक्त उस विशाल अस्त्र-वर्षा को तितर-बितर कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.13: मद्रराज शल्यका अद्भुत पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 13: मद्रराज शल्यका अद्भुत पराक्रम  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  9.13.40 
नानाशस्त्रौघबहुलां शस्त्रवृष्टिं समुद्यताम्।
व्यधमत् समरे राजा महाभ्राणीव मारुत:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार वायु बड़े-बड़े बादलों को उड़ा ले जाती है, उसी प्रकार राजा शल्य ने युद्धस्थल में नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से युक्त उस विशाल अस्त्र-वर्षा को तितर-बितर कर दिया।
 
Just as the wind blows away huge clouds, similarly in the battlefield King Shalya dispersed the huge shower of weapons filled with various kinds of arms.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)