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mahabharat 9.12.7: इसी प्रकार भीमसेन के अतिरिक्त कोई भी योद्धा युद्धभूमि में महान मद्रराज शल्य की गदा की शक्ति का सामना नहीं कर सकता था।'   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  9.12.7 
तथा मद्राधिपस्यापि गदावेगं महात्मन:।
सोढुमुत्सहते नान्यो योधो युधि वृकोदरात्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार भीमसेन के अतिरिक्त कोई भी योद्धा युद्धभूमि में महान मद्रराज शल्य की गदा की शक्ति का सामना नहीं कर सकता था।'
 
‘Similarly, no warrior except Bhimasena could withstand the force of the mace of the great Madra king Shalya in the battlefield.’
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)