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ततो युधिष्ठिरो राजा बाणजालेन पीडित:।
बभूवाद्भुतविक्रान्तो जम्भो वृत्रहणा यथा॥ ६३॥
अनुवाद
उस समय अद्भुत पराक्रमी राजा युधिष्ठिर उस बाण समूह से उसी प्रकार पीड़ित हुए, जैसे इंद्र ने जम्भासुर को पीड़ित किया था।
At that time, King Yudhishthira, who was of amazing prowess, was tormented by that group of arrows in the same manner as Indra had tormented Jambhasur.
इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वणि संकुलयुद्धे द्वादशोऽध्याय:॥ १२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वमें संकुलयुद्धविषयक बारहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥