Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.12.60-61h: सात्यकि, भीमसेन तथा मद्रिकाकुमार पाण्डुपुत्र नकुल तथा सहदेव- प्रत्येक को पाँच-पाँच बाणों से घायल करके युधिष्ठिर को पीड़ा देने लगे। 60 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सात्यकिं भीमसेनं च माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ॥ ६०॥
एकैकं पञ्चभिर्विद्ध्वा युधिष्ठिरमपीडयत्।
अनुवाद
सात्यकि, भीमसेन तथा मद्रिकाकुमार पाण्डुपुत्र नकुल तथा सहदेव- प्रत्येक को पाँच-पाँच बाणों से घायल करके युधिष्ठिर को पीड़ा देने लगे। 60 1/2॥
Satyaki, Bhimsen and Madrika Kumar Pandu's sons Nakul and Sahadeva - after injuring each of them with five arrows, they started tormenting Yudhishthir. 60 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥