Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.12.6: संसार में मद्रराज शल्य या यदुवनंदन बलराम के अतिरिक्त कोई ऐसा योद्धा नहीं है, जो युद्ध में भीमसेन के वेग का सामना कर सके।   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  9.12.6 
न हि मद्राधिपादन्यो रामाद् वा यदुनन्दनात्।
सोढुमुत्सहते वेगं भीमसेनस्य संयुगे॥ ६॥
 
 
अनुवाद
संसार में मद्रराज शल्य या यदुवनंदन बलराम के अतिरिक्त कोई ऐसा योद्धा नहीं है, जो युद्ध में भीमसेन के वेग का सामना कर सके।
 
There is no other warrior in the world other than Madra king Shalya or Yaduvanandan Balarama who can withstand the speed of Bhimasena in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)