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mahabharat 9.12.53-54h: जब महात्मा पाण्डवों ने अपने चक्ररक्षक का वध कर दिया, तब राजा शल्य ने पच्चीस चेदि योद्धाओं का वध कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 53-54h
 
 
श्लोक  9.12.53-54h 
चक्ररक्षे हते शल्य: पाण्डवेन महात्मना॥ ५३॥
निजघान ततो राजंश्चेदीन् वै पञ्चविंशतिम्।
 
 
अनुवाद
जब महात्मा पाण्डवों ने अपने चक्ररक्षक का वध कर दिया, तब राजा शल्य ने पच्चीस चेदि योद्धाओं का वध कर दिया।
 
When his chakrarakshak was killed by Mahatma Pandava, King Shalya killed twenty-five Chedi warriors. 53 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)