Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.12.51-52h: तदनन्तर महाबली राजा धर्मराज भी अत्यन्त क्रोधित हो उठे और उन्होंने मुर्गे और मयूर के पंखवाले तीखे बाणों द्वारा मद्रराज शल्य को क्षत-विक्षत कर दिया ॥51 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर महाबली राजा धर्मराज भी अत्यन्त क्रोधित हो उठे और उन्होंने मुर्गे और मयूर के पंखवाले तीखे बाणों द्वारा मद्रराज शल्य को क्षत-विक्षत कर दिया ॥51 1/2॥
Then the great king Dharamraj also became very angry and with sharp arrows having feathers of cockerel and peacock, he mutilated King Shalya of Madra. 51 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥