Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.12.5: समस्त योद्धाओं में श्रेष्ठ हाथियों के समान पराक्रमी उन दोनों वीर योद्धाओं को देखकर आपके तथा शत्रु के योद्धा सब ओर से ‘वाह-वाह’ कहकर उनका आदर करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  9.12.5 
प्रेक्षन्त: सर्वतस्तौ हि योधा योधमहाद्विपौ।
तावकाश्चापरे चैव साधु साध्वित्यपूजयन्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
समस्त योद्धाओं में श्रेष्ठ हाथियों के समान पराक्रमी उन दोनों वीर योद्धाओं को देखकर आपके तथा शत्रु के योद्धा सब ओर से ‘वाह-वाह’ कहकर उनका आदर करने लगे।
 
Seeing those two brave warriors, who were as valiant as the greatest elephants among all the warriors, your and the enemy's warriors began to show their respect to them by saying 'Wah-Wah' from all sides.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)