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mahabharat 9.12.45-46h: नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों द्वारा एक दूसरे पर आक्रमण करनेवाले महारथी एक दूसरे पर निशाना साधकर गर्जना करते थे। 45 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 45-46h
 
 
श्लोक  9.12.45-46h 
नानारूपाणि शस्त्राणि विसृजन्तो महारथा:॥ ४५॥
अन्योन्यमभिगर्जन्त: प्रहरन्त: परस्परम्।
 
 
अनुवाद
नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों द्वारा एक दूसरे पर आक्रमण करनेवाले महारथी एक दूसरे पर निशाना साधकर गर्जना करते थे। 45 1/2॥
 
The great warriors who attacked each other using different types of weapons used to aim at each other and roar. 45 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)