Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.12.44-45h: उस समय सभी योद्धा अपने हृदय में स्वर्ग जाने की इच्छा रखते हुए, अपने स्वामी के कार्य को पूर्ण करने तथा उनके द्वारा दिए गए अन्न का ऋण चुकाने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर उत्साहपूर्वक युद्ध कर रहे थे। | mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय सभी योद्धा अपने हृदय में स्वर्ग जाने की इच्छा रखते हुए, अपने स्वामी के कार्य को पूर्ण करने तथा उनके द्वारा दिए गए अन्न का ऋण चुकाने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर उत्साहपूर्वक युद्ध कर रहे थे।
All the warriors were fighting enthusiastically at that time with the desire of going to heaven in their hearts, determined to accomplish their master's task in order to repay the debt of the food given by him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥