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mahabharat 9.12.42-43h: इस प्रकार वह भयंकर और भयानक युद्ध आरम्भ हो गया। उस समय न तो आपके और न ही शत्रु के योद्धा युद्ध से विमुख हुए।   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 42-43h
 
 
श्लोक  9.12.42-43h 
तथा प्रवृत्ते संग्रामे घोररूपे भयानके॥ ४२॥
तावकानां परेषां च नासीत् कश्चित् पराङ्मुख:।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वह भयंकर और भयानक युद्ध आरम्भ हो गया। उस समय न तो आपके और न ही शत्रु के योद्धा युद्ध से विमुख हुए।
 
In this way that fierce and dreadful battle began. At that time, neither your nor the enemy's warriors turned away from the battle. 42 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)