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mahabharat 9.12.39-40h: महाराज! अनेक महारथियों का नाश करने वाला वह भयंकर युद्ध प्रारम्भ होते ही वायु के वेग से पृथ्वी से बहुत-सी धूल उड़ने लगी।   |   mahabharat अध्याय 9.12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  9.12.39-40h 
तस्मिन् प्रवृत्ते संग्रामे राजन् वीरवरक्षये॥ ३९॥
अनिलेनेरितं घोरमुत्तस्थौ पार्थिवं रज:।
 
 
अनुवाद
महाराज! अनेक महारथियों का नाश करने वाला वह भयंकर युद्ध प्रारम्भ होते ही वायु के वेग से पृथ्वी से बहुत-सी धूल उड़ने लगी।
 
King! As soon as that fierce battle which destroyed many great warriors began, a lot of dust from the earth began to rise due to the force of the wind. 39 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)