vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 9: शल्य पर्व
»
अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध
»
श्लोक 32-33h
श्लोक
9.12.32-33h
चेकितानं हतं दृष्ट्वा पाण्डवेया महारथा:॥ ३२॥
असक्तमभ्यवर्षन्त शरवर्षाणि भागश:।
अनुवाद
चेकितान को मारा हुआ देखकर महाबली पाण्डव निरन्तर नाना प्रकार के बाणों की वर्षा करने लगे ॥32 1/2॥
Seeing Chekitana killed, the great Pandavas started showering different arrows continuously. 32 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×