श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 12: भीमसेन और शल्यका भयानक गदायुद्ध तथा युधिष्ठिरके साथ शल्यका युद्ध, दुर्योधनद्वारा चेकितानका और युधिष्ठिरद्वारा चन्द्रसेन एवं द्रुमसेनका वध, पुन: युधिष्ठिर और माद्रीपुत्रोंके साथ शल्यका युद्ध  »  श्लोक 32-33h
 
 
श्लोक  9.12.32-33h 
चेकितानं हतं दृष्ट्वा पाण्डवेया महारथा:॥ ३२॥
असक्तमभ्यवर्षन्त शरवर्षाणि भागश:।
 
 
अनुवाद
चेकितान को मारा हुआ देखकर महाबली पाण्डव निरन्तर नाना प्रकार के बाणों की वर्षा करने लगे ॥32 1/2॥
 
Seeing Chekitana killed, the great Pandavas started showering different arrows continuously. 32 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)